पुस्तक खोज (उर्फ DieBuchSuche) - सभी पुस्तकों के लिए खोज इंजन.
हम अपने सबसे अच्छा प्रस्ताव - के लिए 100 से अधिक दुकानों में कृपया इंतजार देख रहे हैं…
- शिपिंग लागत के लिए भारत (संशोधित करें करने के लिए GBR, USA, AUS, NZL, PHL)
प्रीसेट बनाएँ

9789352781188 - के लिए सभी पुस्तकों की तुलना हर प्रस्ताव

संग्रह प्रविष्टि:
9789352781188 - Rajendra Pandit: Rasakhan Rachnawali - पुस्तक

Rajendra Pandit (?):

Rasakhan Rachnawali (2017) (?)

डिलीवरी से: कनाडापुस्तक अंग्रेजी भाषा में हैनई किताबeBook, e-पुस्तक, डिजिटल पुस्तकडिजिटल डाउनलोड के लिए उत्पाद
ISBN:

9789352781188 (?) या 935278118X

, अंग्रेजी में, DPB, DPB, DPB, नई, ebook, डिजिटल डाउनलोड
in-stock
, ' ' ,
श्रेणी: Fiction & Literature
कीवर्ड: Rasakhan Rachnawali Rajendra Pandit Poetry Fiction & Literature 9789352781188
डेटा से 02.07.2017 19:31h
ISBN (वैकल्पिक notations): 93-5278-118-X, 978-93-5278-118-8
9789352781188 - Rajendra Pandit: रसखान रचनावली : Rasakhan Rachnawali - पुस्तक

Rajendra Pandit (?):

रसखान रचनावली : Rasakhan Rachnawali (2017) (?)

डिलीवरी से: नीदरलैंडनई किताब
ISBN:

9789352781188 (?) या 935278118X

, अज्ञात भाषा, Dpb, नई
176 ( 2,25)¹ + शिपिंग: 270 ( 3,45)¹ = 445 ( 5,70)¹(दायित्व के बिना)
Direct beschikbaar
bol.com
रीतिकालीन कवियों में रसखान की अलग पहचान रही है। उन्होंने अपनी खास, शैली में सोरठा, सवैया, कवित्त आदि की रचना को है जो खूब लोकप्रिय हुआ। रसखान के हृदय के भाव 'प्रेमवाटिका' मैं बखूबी दिखते हैं। रसखान भले ही मुस्लिम थे किंतु उनकी हिन्दू धर्म में गहरी आस्था थी। उन्होंने अपने को भगवान कृष्ण को भक्ति में डूबो दिया रसखान का पहनावा भी वैष्णव भक्तों जैसा था जिसके गले में कंठीमाला लटकी रहती थी। इस कारण मुसलमान उनसे नाराज रहते थे। इससे बेपरवाह रसखान ने अपनी काव्य रचना को प्रेम का नया स्वरूप प्रदान किया उनक... रीतिकालीन कवियों में रसखान की अलग पहचान रही है। उन्होंने अपनी खास, शैली में सोरठा, सवैया, कवित्त आदि की रचना को है जो खूब लोकप्रिय हुआ। रसखान के हृदय के भाव 'प्रेमवाटिका' मैं बखूबी दिखते हैं। रसखान भले ही मुस्लिम थे किंतु उनकी हिन्दू धर्म में गहरी आस्था थी। उन्होंने अपने को भगवान कृष्ण को भक्ति में डूबो दिया रसखान का पहनावा भी वैष्णव भक्तों जैसा था जिसके गले में कंठीमाला लटकी रहती थी। इस कारण मुसलमान उनसे नाराज रहते थे। इससे बेपरवाह रसखान ने अपनी काव्य रचना को प्रेम का नया स्वरूप प्रदान किया उनकी रचनाएं रस से सराबोर हैं। भक्ति रस को उनकी काव्य रचनाओं के नायक कृष्ण और राधिका राधा हैं। इस संकलन में रसखान की काव्य रचनाओं को बहुत सरल और स्वाभाविक रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसे पढ़कर पाठक भक्तिभाव, प्रेमभाव और श्रृंगार रस में डूब जाता है। यहीं कारण है कि इस पुस्तक की आज भी प्रासंगिकता बनो हुईं है। Taal: hi;Formaat: ePub met kopieerbeveiliging (DRM) van Adobe;Verschijningsdatum: juni 2017;ISBN13: 9789352781188; Ebook | 2017
अधिक…
विक्रेता टिप्पणी bol.com:
Nieuw, Direct beschikbaar
मंच क्रम संख्या Bol.com: 9200000079592868
श्रेणी: Literatuur & Romans, Poëzie
डेटा से 02.07.2017 19:31h
ISBN (वैकल्पिक notations): 93-5278-118-X, 978-93-5278-118-8

9789352781188

सभी उपलब्ध पुस्तकों के लिए अपना ISBN नंबर मिल 9789352781188 तेजी से और आसानी से कीमतों की तुलना करें और तुरंत आदेश।

उपलब्ध दुर्लभ पुस्तकें, प्रयुक्त किताबें और दूसरा हाथ पुस्तकों के शीर्षक "रसखान रचनावली : Rasakhan Rachnawali" से Rajendra Pandit पूरी तरह से सूचीबद्ध हैं।

schwierige geschäftsvorfälle richtig buchen zirkus bilder zum ausmalen